जब सरगांव की रात ने ओढ़ी कविता की चादर, मंगल भवन में गूंजे ठहाके और वीर रस के स्वर
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पहली बार सजा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन; धरमलाल कौशिक की गरिमामयी मौजूदगी में देर रात तक बही हास्य, व्यंग्य और राष्ट्रभाव से सराबोर काव्यधारा सरगांव। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पंचायत सरगांव का मंगल भवन उस समय शब्दों की ऐसी रोशनी से जगमगा उठा, जब पहली बार नगर…