मुंगेली।जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने ई-ऑफिस के क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंगलवार को कलेक्टोरेट के मनियारी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं, मुख्यमंत्री घोषणाओं और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया, ताकि जिले में बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में ई-ऑफिस के उपयोग में ढिलाई पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने लोरमी, पथरिया, बरेला, जरहागांव और सरगांव के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। इसके अलावा, इनआपरेटिव/डीएफ अकाउंट और ई-ऑफिस में फाइल संपादन न करने पर डीईओ सहित सभी बीईओ को भी नोटिस का सामना करना पड़ेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय के सभी कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से ही संपादित किए जाएं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में लक्ष्य से पीछे रहने पर नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों के सीएमओ और राजस्व विभाग को कड़ी चेतावनी दी गई। विद्युत विभाग के ईई को भी योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसी तरह, पीवी ऐप के माध्यम से हितग्राहियों का फिजिकल वेरिफिकेशन न होने पर लोरमी एसडीएम और खाद्य अधिकारी को नोटिस तथा प्रोग्रामर को निलंबन की सिफारिश करने के आदेश जारी किए। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे में अपूर्ण प्रगति वाले विभागों के प्रमुखों को पत्र भेजने का भी निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों से कार्य-प्रगति की जानकारी ली गई और इन्हें समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट में लंबित विभागीय प्रकरणों पर चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को समयबद्ध जवाब दाखिल कर निराकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा। इसके अलावा, ठंड के मौसम को देखते हुए अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने, धान उठाव को तेज करने तथा डीडीए को खाद-बीज वितरण और किसान सम्मान निधि ई-केवाईसी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत लाए गए वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 को संसद ने पारित कर दिया है। इस अधिनियम के अनुसार, ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजे का प्रावधान भी जोड़ा गया। योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय, अपर कलेक्टर जी एल यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


