मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अर्पित किए श्रद्धासुमन, शांताराम की स्मृति में उद्यान का किया लोकार्पण; ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष
मदकूद्वीप/पथरिया, 25 सितंबर। ऐतिहासिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप में शुक्रवार को समाजसेवी स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृतियों और उनके सेवाभाव को नमन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उनके वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि मदकूद्वीप की पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में स्वर्गीय श्री शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित उद्यान का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल स्मृतियों को संजोने का स्थान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने वाला प्रेरणास्थल बनेगा।

मदकूद्वीप को पहचान दिलाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने और संरक्षण की दिशा में स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से क्षेत्र की सेवा करते हुए मदकूद्वीप की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि किसी स्थान की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा, इतिहास और उन व्यक्तित्वों से होती है, जो उसकी विरासत को सहेजने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ऐसे ही सेवाभावी व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों से मदकूद्वीप श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है।
मदकूद्वीप से आगे भी सेवा का व्यापक दायरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। वहीं नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके कार्य आज भी समाज के बीच जीवंत हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हैं।
स्मृति उद्यान बनेगा प्रेरणा का केंद्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति में निर्मित यह उद्यान उनके जीवन और कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।
उन्होंने कहा कि संस्कृति और विरासत का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब समाज स्वयं अपनी धरोहरों को सहेजने के लिए आगे आता है, तब संस्कृति और परंपराओं की विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी और मजबूत होती है।
कल्पवृक्ष रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मातृ प्रेम और कृतज्ञता की भावना को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित किया जाए। पर्यावरण संरक्षण वर्तमान की आवश्यकता के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास समानांतर रूप से आगे बढ़ेंगे, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मंत्री श्री दयाल दास बघेल एवं श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला एवं श्री पुन्नूलाल मोहले सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।




