मुंगेली जिले के 8489 ग्रामीणों ने लिया ऑनलाइन ठगी से बचने का संकल्प, एसएसपी भोजराम पटेल ने दिया ‘जागरूक गांव, सुरक्षित समाज’ का संदेश
मुंगेली। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल राम रावटे के समन्वय से साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में व्यापक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के तीनों विकासखंडों की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अभियान के तहत पथरिया विकासखंड की 96 ग्राम पंचायतों में 1838, मुंगेली की 124 ग्राम पंचायतों में 4057 तथा लोरमी की 127 ग्राम पंचायतों में 2595 ग्रामीणों ने सहभागिता की। इस प्रकार कुल 8489 ग्रामीणों, युवाओं एवं महिलाओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर सामूहिक रूप से ‘साइबर जागृति शपथ’ ली।

कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने की समझाइश दी गई। लोगों को बताया गया कि बैंक खाते, एटीएम कार्ड, आधार एवं यूपीआई से संबंधित ओटीपी और गुप्त पिन किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध मैसेज, फर्जी लॉटरी ऑफर और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। इसके साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में अज्ञात ऐप अथवा APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी गई।

ग्रामीणों को अनजान वीडियो कॉल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और डिजिटल ठगी से भी सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही घर के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
एसएसपी भोजराम पटेल ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ठगी होने के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल को तत्काल सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि को होल्ड कराने और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को आवश्यक प्रयास करने का अवसर मिल सकता है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ‘जागरूक गांव, सुरक्षित समाज’ और ‘साइबर अपराध से आजादी’ का संदेश देते हुए साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। सामूहिक शपथ और जागरूकता नारों के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ।




