मोबाइल छुड़ाने के लिए मांगे थे 500 रुपए, पैसे नहीं मिलने पर गुस्से में हंसिया से किया वार; विधि से संघर्षरत बालक अभिरक्षा में
मुंगेली/पथरिया। ग्राम उमरिया में वृद्ध महिला की हत्या के मामले में थाना पथरिया पुलिस ने महज छह दिनों के भीतर अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, विधि से संघर्षरत एक बालक ने गिरवी रखे मोबाइल को छुड़ाने के लिए मृतिका से 500 रुपए मांगे थे। पैसे नहीं मिलने पर गुस्से में आकर उसने हंसिया से महिला के गले पर प्राणघातक वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड मुंगेली के समक्ष पेश किया, जहां से उसे पृथक बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया है।
26-27 सितंबर की दरम्यानी रात हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर 2026 को दिव्या भारती, निवासी अमोरा, थाना जरहागांव ने चौकी साकेत में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम उमरिया निवासी उसकी मौसी सोनकलिया बाई डहरिया की 26-27 सितंबर की दरम्यानी रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने गला रेतकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही चौकी साकेत एवं थाना पथरिया पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच एवं पंचनामा कार्रवाई शुरू की।
मर्ग जांच में हत्या का अपराध पाए जाने पर 28 सितंबर को थाना पथरिया में अपराध क्रमांक 242/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर गठित की गई संयुक्त टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने अज्ञात आरोपी की पहचान कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में थाना पथरिया, साइबर सेल एवं चौकी साकेत की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ मृतिका के परिजनों, आसपास के लोगों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान लिए। फॉरेंसिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
मुखबिर की सूचना से सामने आया आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या की घटना को मृतिका के ही गांव में रहने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक द्वारा अंजाम दिया गया है। सूचना के आधार पर बालक को उसके पिता/संरक्षक के साथ गांव के पंचायत भवन के पास बुलाया गया। पुलिस द्वारा गवाहों की मौजूदगी में पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में बालक ने बताया कि उसने अपना मोबाइल गिरवी रखा था, जिसे छुड़ाने के लिए उसने मृतिका सोनकलिया बाई, जिन्हें वह पारिवारिक दादी के रूप में संबोधित करता था, से 500 रुपए मांगे थे। मृतिका द्वारा रुपए नहीं देने पर वह गुस्से में आ गया और हंसिया से उनके गले पर प्राणघातक वार कर दिया।
घटना के समय पहने कपड़े बरामद
पुलिस ने विधि से संघर्षरत बालक की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए टी-शर्ट एवं जींस पैंट उसके घर से बरामद किए। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 3 अक्टूबर 2026 को सामाजिक पृष्ठभूमि पत्र तैयार कर बालक को अभिरक्षा में लिया गया।
इसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड, मुंगेली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे पृथक से बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया।
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पथरिया निरीक्षक पवन देवांगन, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्र पुरी गोस्वामी, सउनि रोशन टंडन, प्रधान आरक्षक यशवंत डाहिरे, नोखेलाल कुर्रे, नरेश यादव, रवि जांगड़े, प्रकाश साहू, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, राहुल यादव, राकेश बंजारे, गिरिराज सिंह, अतुल सिंह, हेमसिंह, महेंद्र सिंह, राहुलकांत कश्यप, रामकिशोर कश्यप, जितेंद्र सिंह, हलिश गेंदले, अमित बारले, स्वारथ लाल ध्रुव, दीपक ठाकुर एवं शिवशंकर गोयल की अहम भूमिका रही।




