पदोन्नति में TET की अनिवार्यता खत्म करने समेत सेवा सुरक्षा, पूर्व सेवा की गणना और वेतन विसंगति दूर करने की मांग; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मुंगेली/सरगांव। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार, 25 अगस्त को मुंगेली में शिक्षकों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ‘TET मुक्ति महारैली’ निकालकर शासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा। सर्वेश्वरी आश्रम से शुरू हुई रैली कलेक्टोरेट पहुंची, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षक हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।

28 साल की सेवा के बाद TET क्यों?
महारैली के दौरान शिक्षकों ने “पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त करो” और “शिक्षकों को सेवा सुरक्षा दो” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि अनेक शिक्षकों ने वर्षों तक, कई मामलों में करीब 28 वर्षों तक, पूरी निष्ठा से शिक्षकीय सेवा दी है। ऐसे में उन्हें नई व्यवस्था के तहत TET परीक्षा के लिए बाध्य करना न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने सेवा सुरक्षा को आंदोलन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

TET के साथ शिक्षक हितों के कई मुद्दे उठे
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने TET की अनिवार्यता समाप्त करने के साथ पूर्व सेवा की गणना, B.Ed. ब्रिज कोर्स शुरू करने, 13 फरवरी 2026 के नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की विसंगतियां दूर करने, पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा की गणना तथा केंद्रीय स्तर के अनुरूप वेतन विसंगति दूर करने की मांग भी उठाई।
प्रदेश सह-संयोजक संजय उपाध्याय, राजेंद्र ठाकुर एवं मोहन लहरी ने बताया कि शिक्षा सचिव तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक से पूर्व में मुलाकात कर TET से प्रभावित शिक्षकों सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की लड़ाई में संवाद और संघर्ष, दोनों स्तरों पर रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रहा है।

मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
जिला संयोजक बलराज सिंह, दीपक वेंताल, लक्ष्मीकांत जडेजा, नारायणी कश्यप, नेमीचंद भास्कर एवं बलजीत सिंह कांत सहित मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल रैली और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षकों की जायज मांगों का समाधान और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होने तक संघर्ष को चरणबद्ध एवं मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 25 अगस्त की महारैली ने जिले में शिक्षक एकजुटता का मजबूत संदेश दिया है और यह आंदोलन की आगामी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

सैकड़ों शिक्षकों ने दिखाई एकजुटता
महारैली में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की। इस अवसर पर मनीषा दिवाकर, सीता साहू, शैलेश कुर्रे, राधिका सोनी, शिव कौशिक, सुनीता देवांगन, जाकिर हुसैन, मोतीलाल अनंत, प्रवीण कोशले, बृजमोहन सोनवानी, ममता दर्शन, गोवर्धन साहू, शिव टंडन, सरिता साहू, कल्पना तिवारी, विमलेश अग्रवाल, अनीता लहरे, मधुरिमा साहा, कदम कुर्रे, मनोज यादव, सीमा दुबे, चंपाकली बर्मन, विजय लक्ष्मी सोनवानी, आशा नेगी एवं रमेश साहू सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
मुंगेली की इस TET मुक्ति महारैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षक अपनी सेवा सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट हैं। अब शिक्षकों की निगाहें शासन के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।




