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शिक्षक बने साइबर सुरक्षा के प्रहरी, मुंगेली पुलिस ने सम्मान के साथ दिया जागरूकता का संदेश

शिक्षक दिवस पर ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक’ अभियान के तहत जिलेभर में आयोजन, सरगांव में 1150 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी

सरगांव। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के अंतर्गत शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को जिला मुंगेली में ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर उन्हें विद्यार्थियों, परिवार और समाज में साइबर सुरक्षा का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित करना रहा।

इस अवसर पर थाना जरहागांव, सिटी कोतवाली मुंगेली, थाना सरगांव एवं थाना पथरिया की पुलिस टीमों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों का सम्मान किया। पुलिस द्वारा शिक्षकों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने कुछ शिक्षकों के घर पहुंचकर भी उनका सम्मान किया तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर ‘साइबर शिक्षा से साइबर सुरक्षा’ का संदेश दिया।

सरगांव में 1150 विद्यार्थियों और शिक्षकों को किया जागरूक

थाना सरगांव पुलिस द्वारा क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर सरगांव में करीब 300, कन्या शाला में करीब 450 तथा स्वामी आत्मानंद स्कूल सरगांव में करीब 400 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई। इस प्रकार सरगांव क्षेत्र में लगभग 1150 विद्यार्थी एवं शिक्षक अभियान से जुड़े।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को क्यूआर कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं सेल्फी स्टैंड के माध्यम से ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक’ एवं ‘साइबर शिक्षा से साइबर सुरक्षा’ संदेश के साथ सेल्फी लेकर अभियान में सहभागिता भी कराई गई।

शिक्षकों को बनाया साइबर जागरूकता का वाहक

शिक्षक दिवस पर आयोजित इस विशेष अभियान के माध्यम से मुंगेली पुलिस ने शिक्षकों को केवल सम्मानित ही नहीं किया, बल्कि उन्हें ‘साइबर शिक्षक’ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस का संदेश रहा कि शिक्षक स्वयं साइबर अपराधों से सतर्क रहें और विद्यार्थियों, परिवार तथा समाज के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करें। इससे साइबर अपराधों की रोकथाम में सामूहिक भागीदारी को मजबूत किया जा सकेगा।

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