NH-130 पर किरना-सरगांव के बीच हादसा, चालक ने कूदकर बचाई जान; दमकल की समय पर व्यवस्था नहीं होने से उठे सवाल
सरगांव/मुंगेली। बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे-130 पर शनिवार सुबह ग्राम किरना और सरगांव के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रायपुर से बिलासपुर की ओर जा रही डस्टर कार क्रमांक CG 04 KN 4000 अचानक आग की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि वाहन में शॉर्ट सर्किट के बाद आग भड़की। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धूकर जलने लगा।
गनीमत रही कि चालक ने समय रहते इंजन से धुआं उठता देख खतरा भांप लिया और तत्काल वाहन को सड़क किनारे रोककर बाहर निकल गया। इससे बड़ा जनहानि का हादसा टल गया।

52 बंडल किताबें थीं, 46 जलकर राख
जानकारी के अनुसार डस्टर कार में शासकीय पुस्तकों के 52 बंडल तथा महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज रखे हुए थे। आग लगने के बाद चालक और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सामान बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान 6 बंडल सुरक्षित बाहर निकाले जा सके, जबकि आग तेजी से फैलने के कारण 46 बंडल किताबें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। वाहन में रखे दस्तावेजों के भी आग की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन सामान्य रूप से हाईवे पर चल रहा था। इसी दौरान इंजन की ओर से धुआं निकलने लगा और जलने की गंध आने लगी। चालक ने तत्काल वाहन रोका और बाहर निकल गया। इसके कुछ ही देर बाद आग ने विकराल रूप ले लिया।

5 किलो के अग्निशामक से नहीं बुझी भीषण आग
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन उसके पास उपलब्ध करीब 5 किलो क्षमता का अग्निशामक सिलेंडर इतनी तेज आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
घटना की सूचना डायल-112 और सरगांव थाना पुलिस को भी दी गई। पुलिस और हाईवे की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय स्तर पर तत्काल दमकल वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण आग पर समय रहते काबू पाने में परेशानी हुई। देखते ही देखते कार और उसमें रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया।

दमकल व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
हाईवे पर हुई इस घटना ने सरगांव क्षेत्र में आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि बिलासपुर-रायपुर NH-130 जैसे व्यस्त मार्ग पर किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, ऐसे में आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त और त्वरित रिस्पांस व्यवस्था जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरगांव क्षेत्र में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण आगजनी की स्थिति में जिला मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि किसी बड़े यात्री वाहन, बस या मालवाहक वाहन में आग लग जाए तो दमकल के पहुंचने में लगने वाला समय गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
बड़े हादसे से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से NH-130 के सरगांव क्षेत्र में स्थायी या त्वरित अग्निशमन एवं आपातकालीन रिस्पांस व्यवस्था उपलब्ध कराने, हाईवे पर पर्याप्त आपातकालीन संपर्क व्यवस्था विकसित करने तथा पेट्रोलिंग टीमों को प्रभावी अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि शनिवार को चालक की सतर्कता से एक बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि यदि यही आग किसी यात्री बस या बड़े वाहन में लगती तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती थी। ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय हाईवे की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को अभी से मजबूत किए जाने की जरूरत है।


