‘पहल अभियान’ से 417 विद्यार्थियों को मिला सुरक्षा का पाठ, यातायात, साइबर अपराध और पॉक्सो कानून पर किया गया जागरूक

एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में दो विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने का दिया संदेश

मुंगेली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल के निर्देशन में संचालित “पहल अभियान : बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ” के अंतर्गत जिले के स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षा, कानून और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत 29 जुलाई 2026 को नगर पालिका स्कूल मुंगेली तथा आगर स्कूल मुंगेली में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 417 विद्यार्थियों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व को विस्तार से समझाया। छात्रों को बताया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध है तथा शराब पीकर वाहन चलाने, हेलमेट नहीं पहनने, तीन सवारी बैठाने, आवश्यक दस्तावेज साथ नहीं रखने और तेज गति से वाहन चलाने जैसी लापरवाहियां गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों के उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, ओटीपी साझा करने के खतरे तथा डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अलावा छात्रों को नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश देते हुए नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। नशा मुक्ति से संबंधित सहायता के लिए 1931 हेल्पलाइन की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विद्यार्थियों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और अश्लीलता जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही ऑनलाइन अश्लील सामग्री, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों और अनजान लोगों से डिजिटल संपर्क के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है। यदि प्रत्येक छात्र यातायात नियमों का पालन करे, साइबर अपराधों से सतर्क रहे और कानूनों की जानकारी रखे, तो वह स्वयं के साथ-साथ समाज को भी सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

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