सरगांव। पवित्र पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्री हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप में एक माहव्यापी “श्री हरिहर आराधना महोत्सव” का भव्य आयोजन जारी है। उत्तरवाहिनी शिवनाथ नदी के मध्य स्थित इस ऐतिहासिक और पावन तीर्थ स्थल ‘रामाश्रय’ में 17 मई से शुरू हुआ यह भक्ति का महासंगम आगामी 15 जून 2026 तक चलेगा। इस धार्मिक महाअनुष्ठान में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मातृशक्ति मदकूद्वीप पहुँच रहे हैं।
संतों का सान्निध्य और विद्वानों का मार्गदर्शन——-
यह विशाल महोत्सव पूज्य गुरुदेव वीतरागी संत श्री सीताराम महाराज जी (चक्रतीर्थ, अमरकंटक) की पावन प्रेरणा और आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर संत रामस्वरूपदास महात्यागी ‘रामाश्रय’ के सान्निध्य में देश के जाने-माने विद्वान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विख्यात कथा व्यास पं. कृष्ण चंद्र देव पाराशर के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा की रसवर्षा हो रही है, वहीं यज्ञाचार्य पं. श्री प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाज से यज्ञ संपन्न कराया जा रहा है।

छठे दिन हुआ विशेष रुद्राभिषेक और सहस्रार्चन—–
मासिक यज्ञ अनुष्ठान के छठवें दिन आज मदकूद्वीप का पूरा वातावरण शिव-विष्णु के जयकारों से गूंज उठा। इस विशेष अवसर पर भगवान शिव का भव्य रुद्राभिषेक, शालिग्राम जी का सहस्रार्चन और श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का आयोजन किया गया। संत समागम और सत्संग का लाभ उठाने के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
सुबह से शाम तक भक्ति का प्रवाह (समय-सारणी)——
महोत्सव के दौरान हर दिन धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम व्यवस्थित रूप से चल रहा है:
प्रातः 8:00 बजे: वैदिक पूजन से दिन की शुरुआत होती है।
प्रातः 8:30 से दोपहर 12:00 बजे: ऋत्विजों द्वारा श्री विष्णु सहस्रनाम का 108 सामूहिक पाठ किया जा रहा है।
दोपहर 1:00 से शाम 5:00 बजे: अष्टोत्तरशत् श्रीमद्भागवत कथा एवं 108 भागवत पारायण का वाचन हो रहा है।
शाम 3:00 से 6:00 बजे: शालिग्राम जी का सहस्रार्चन एवं होम-यज्ञ।
शाम 6:30 बजे: महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया जाता है।
पुरुषोत्तम मास में आराधना का है विशेष महत्व——
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास (मलमास) के दौरान हरि (विष्णु) और हर (शिव) दोनों की आराधना का अनंत गुना फल मिलता है। इसी पावन उद्देश्य को लेकर पूरे महीने भागवत श्रवण, शालिग्राम सहस्रार्चन और होम-यज्ञ का संकल्प लिया गया है। जो भी श्रद्धालु इस अनुष्ठान में यजमान बनकर पुण्य कमाना चाहते हैं, उनके लिए समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है।
15 जून को होगी पूर्णाहुति—–
एक महीने तक चलने वाले इस भव्य आराधना महोत्सव का समापन 15 जून 2026, सोमवार को प्रातः 11:00 बजे पूर्णाहुति एवं सहस्त्रधारा कार्यक्रम के साथ होगा। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर सनातन संस्कृति के संरक्षण और इस महापुण्य के भागीदार बनने की अपील की है।


