मुंगेली। संविधानोत्सव समिति मुंगेली के तत्वावधान में 10 मई 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर करही में विश्वरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण ऐतिहासिक समारोह में हुआ। विशाल जनसमुदाय उमड़ पड़ा और पूरा परिसर ‘जय भीम’, ‘जय संविधान’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर जोरदार आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और स्वागत गीतों के बीच अतिथियों का फूलमालाओं से गजमाला किया गया। कार्यक्रम का संचालन शैलेश कुर्रे ‘विद्रोही’ ने ओजस्वी अंदाज में किया, जिसने पूरे समारोह में उत्साह बनाए रखा।

मुख्य अतिथियों के उद्बोधन–
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “बाबा साहेब केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने में उनका योगदान अतुलनीय है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने युवाओं से बाबा साहेब के विचारों पर चलने का आह्वान किया, जबकि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया। प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने वंचित वर्ग को सम्मान दिलाने वाले बाबा साहेब के कार्य की सराहना की।
विधायक श्री धरम लाल कौशिक ने संविधान को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। श्री पुन्नू लाल मोहले ने 26 नवंबर 2024 की घोषणा को ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। श्री सुशांत शुक्ला ने युवाओं को बाबेडकर आदर्श अपनाने को कहा, वहीं श्री धर्मजीत सिंह ने संविधान को देश की एकता का आधार माना।

समिति सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विचार–
ओमप्रकाश बघेल (कार्यकारी प्रांताध्यक्ष, संयुक्त शिक्षक संघ) ने बाबा साहेब के जीवन को शिक्षा, संघर्ष और आत्मसम्मान की प्रेरणा बताया। समिति संरक्षक मोहन लहरी ने प्रतिमा को सामाजिक चेतना का प्रतीक कहा। अध्यक्ष राजकुमार यादव ने सभी का आभार माना और बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। कार्यकारी जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह कांत ने समानता-भाईचारे का संदेश दिया, जबकि शिक्षक रामप्रकाश डिंडोरे ने शिक्षा दर्शन पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि–
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय, उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर, जनपद उपाध्यक्ष पुष्पलता मोहले, जनपद अध्यक्ष पथरिया चितरेखा मनीष जांगड़े और सदस्य लक्ष्मीकांत भास्कर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयोजन में योगदान–
ओम प्रकाश बघेल, राजकुमार यादव, नारायणी कश्यप, प्रिया यादव, सीता साहू, मनीषा दिवाकर, रंजना सिंह, सुभाषिनी मनहर, शमीम बानो, जलेश्वरी गेंदले, मोहन लहरी, बलजीत सिंह कांत, लक्ष्मीकांत जडेजा, सुनील पात्रे, अजीत बघेल, अरविंद बंजारा, पीताम्बर खांडे, बसंत बंजारा, कृष्णकुमार नवरंग, प्रकांत बघेल, रुद्र बंजारा, भूपेंद्र बांधी, वीरेंद्र सिन्हा, ए.डी. भास्कर, राजू मधुकर, जितेंद्र लहरे, सूर्यकांत गोयल, ओंकार पात्रे, गणपत घृतलहरे, चंद्र कुमार महिलांग, नोबिल नवरंग, शिव कुमार बंजारा, जितेंद्र दिवाकर, राजेंद्र दिवाकर, मेघनाथ कोशरिया, राजेश बंजारे, रमा शंकर पात्रे, कल्प अनंत, मोतीलाल अनंत, प्रवीण कोशले, पुरुषोत्तम कोशले, ममता दर्शन, बृजमोहन सोनवानी, मदन कर्माकर, भीखम रावते, जितेंद्र गेंदले, नरेंद्र टांडे, जीतबाबू मंगेशकर, अमित कुमार मोहले, देवप्रसाद पात्रे, संतोष बंजारे, सतीश कुमार रात्रे, नैन दास जोगांस, बाबा मोहले, अमर साहू, अजय बैनरवाला, धरम पाल सोनवानी, कोमल कुमार खन्ना, यतेन्द्र भास्कर, हसदेव बांधले, नंद कुमार, प्रेम कुमार बर्मन, विश्वेश्वर भास्कर, विनोद कुमार कौशले, उर्मिला लकड़ा एवं राजेश टंडन सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समिति ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया।


