बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़का आक्रोश, किसान की मौत के बाद भी FIR नहीं; गौ सेवा आयोग ने दी आंदोलन की चेतावनी

29 जुलाई की घटना को एक सप्ताह से अधिक बीता, सरगांव थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग; SDM पथरिया को सौंपा ज्ञापन

सरगांव। ग्राम बिदबिदा में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते 29 जुलाई को करंट की चपेट में आने से किसान मांगीलाल राजपूत की दर्दनाक मौत के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर गौ सेवा आयोग ने नाराजगी जताई है।

इसी मामले को लेकर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बृजेश शर्मा अपनी टीम के साथ सरगांव थाना पहुंचे और थाना प्रभारी से मुलाकात कर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। आयोग के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की लापरवाही के कारण क्षेत्र में 12 गौवंश की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद विद्युत व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया।

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने कहा कि 29 जुलाई की घटना में यदि जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

SDM पथरिया को सौंपा ज्ञापन, चार प्रमुख मांगें

सरगांव थाने में मुलाकात के बाद गौ सेवा आयोग की टीम ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) पथरिया को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में दोषी विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने, मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआवजा देने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई करने तथा पूरे क्षेत्र में बिजली लाइनों की जांच कराने की मांग की गई।

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर मामले का निराकरण नहीं किया गया तो गौ सेवक ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश

किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली लाइनों की खराब स्थिति और कथित लापरवाही के कारण पहले गौवंश की जान गई और अब एक किसान की मौत हो गई। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र की विद्युत लाइनों और व्यवस्थाओं की जांच कर तत्काल सुधार करना चाहिए।


लगातार बिजली कटौती से भी ग्रामीण परेशान

विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी केवल हादसे तक सीमित नहीं है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सरगांव में भी बिना पूर्व सूचना के बिजली बंद होने से आमजन प्रभावित हो रहे हैं। बिजली गुल रहने के कारण पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं, जिससे पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार रातभर बिजली बंद रहने से लोगों को परेशानी और अनिद्रा का सामना करना पड़ता है, जिसका असर अगले दिन उनकी दिनचर्या और कामकाज पर भी पड़ रहा है। वहीं बिजली पर निर्भर इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों का रिपेयरिंग कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग आखिर किस स्तर पर व्यवस्था संचालित कर रहा है, यह समझ से परे है। लोगों ने जल्द विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आम जनता का आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।

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