सरगांव। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध तनाव और ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री के “ईंधन बचाना देशहित का कार्य है” संदेश से प्रेरित होकर सरगांव नगर पंचायत अध्यक्ष परमानंद साहू ने सादगी और जनजागरूकता की नई पहल शुरू की है। उन्होंने छोटी दूरी के लिए चारपहिया वाहनों का उपयोग कम कर साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।
अध्यक्ष परमानंद साहू अब नगर की गलियों और वार्डों में साइकिल से पहुंचकर लोगों को ईंधन संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं अपने काफिले को सीमित कर सादगी का उदाहरण पेश कर सकते हैं, तो आम नागरिक भी पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए छोटे-छोटे प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन संकट केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।
साहू ने नगरवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे फिटनेस और फ्यूल सेविंग दोनों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें। उनका मानना है कि साइकिल का उपयोग न केवल पेट्रोल की बचत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य लाभ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल के बाद नगर में साइकिल उपयोग को लेकर सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है।
नगरवासियों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करता है, तो उसका संदेश सीधे जनता तक पहुंचता है। सरगांव में अध्यक्ष परमानंद साहू की यह पहल अब “ऊर्जा संरक्षण” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प से जुड़ी एक प्रेरणादायी मुहिम बनती दिखाई दे रही है।


