मदकूद्वीप शिव मंदिर में स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ: 1026 आक्रमण के 1000 वर्ष पर संकल्प
सरगांव: भाजपा मंडल सरगांव द्वारा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026’ का शुभारंभ शनिवार सुबह 10:30 बजे मदकूद्वीप स्थित शिव मंदिर में हुआ। यहां शिवजी की पूजा-अर्चना, सामूहिक जाप, स्नान एवं आराधना समस्त कार्यकर्ताओं ने की। वर्ष 1026 में सोमनाथ पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर यह पर्व अडिग सनातन आस्था, शिवभक्ति और भारत की चेतना को नमन करने का प्रतीक बना।

केंद्र एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस एक वर्षीय कार्यक्रम में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हजारों भक्त शामिल हुए। सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, भारत की आत्मा है—जो हर विध्वंस के बाद और भव्य होकर खड़ी हुई। नया भारत इस पर्व से अपनी जड़ों से जुड़कर राष्ट्र संरक्षण का संकल्प लेगा। पर्व 10-11 जनवरी को सरगांव मंडल में चल रहा है।

नेताओं के प्रेरक वक्तव्य: आस्था-अटल, स्वाभिमान अमर
प्रमुख नेताओं ने संयुक्त रूप से भावुक वक्तव्य दिए, जिसमें स्थानीय आयोजन और ऐतिहासिक गौरव का मिश्रण है:
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेंद्र शर्मा:”सोमनाथ का पुनर्निर्माण राष्ट्र स्वाभिमान की गाथा है। वर्ष 1026 के आक्रमण के 1000 वर्ष पर सरगांव से हम इसे हर घर तक पहुंचाएंगे, ताकि युवा अपनी विरासत से जुड़ें।”
जिला महामंत्री कैलाश सिंह ठाकुर: “यह पर्व स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक जागरण लाएगा। पत्थर तोड़े जा सकते थे, लेकिन सनातन चेतना नहीं—नया भारत मजबूत बनेगा।”
मंडल अध्यक्ष पोषण यादव:”मदकूद्वीप से शुरू होकर सरगांव के गांवों में स्वाभिमान पर्व मनाएं। सोमनाथ भारत की आत्मा है, जो हर विध्वंस के बाद भव्य हुई।”
जिला पंचायत सभापति अम्बालिका साहू:“सोमनाथ का 75 वर्ष पूर्ण हुआ—महिलाएं इसकी धुरी बनेंगी। अटल विश्वास से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।”
जनपद उपाध्यक्ष दीपिका चंद्रशेखर कौशिक: “राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है यह पर्व। 1000 वर्ष बाद भी शिवभक्ति अडिग—युवा प्रेरित हों।”
नगर पंचायत अध्यक्ष परमानंद साहू:”सोमनाथ पर आक्रमण को 1000 वर्ष पूर्ण—लेकिन भारत की चेतना अटल रही। नया भारत–स्वाभिमान पर्व-2026 से जड़ों से जुड़कर भविष्य का नेतृत्व करें। सरगांव मंदिरों से संदेश फैलाएं।”
अल्पसंख्यक प्रदेश मोर्चा मंत्री रणजीत सिंह हुरा:”वर्ष 1026 के आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण—यह अडिग आस्था और सनातन बलिदान को नमन करने का अवसर है। मदकूद्वीप में भोलेनाथ का आशीर्वाद लेकर हम संकल्प लें।”

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: हमलों से वैभव तक
सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता बताती है कि हमले क्षति पहुंचा सकते हैं, लेकिन मिटा नहीं सकते—हर बार भव्यता के साथ उठ खड़ा होना सनातन संस्कृति की प्रवृत्ति है। आक्रमणकारियों के नाम मिट गए, लेकिन मंदिर वैभवशाली खड़ा है। 1951 में सरदार पटेल के नेतृत्व में पुनर्निर्माण हुआ। सरगांव मंडल इस विरासत को जीवंत कर रहा है।
उपस्थित प्रमुख कार्यकर्ता
नरेंद्र शर्मा (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), कैलाश सिंह ठाकुर (जिला महामंत्री), पोषण यादव (मंडल अध्यक्ष), दीपिका चंद्रशेखर कौशिक (जनपद उपाध्यक्ष), अम्बालिका साहू (जिला पंचायत सभापति), परमानंद साहू (नगर पंचायत अध्यक्ष), नंदनी साहू, पूर्णिमा ध्रुव, जमुना पांडे, रामकुमार कौशिक, पंकज वर्मा, अनिल दुबे, महामंत्री द्वय, रंजीत सिंह, मनीष साहू, चंद्रशेखर कौशिक, अनुजराम, बृजेश गौरहा, विशाल कौशिक, विशाल वर्मा, प्रेमलाल भास्कर, पंचराम वर्मा, दुर्गेश वर्मा सहित मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


