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जुआ माफिया ‘लाल महाराज’ की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश तेज

मुंगेली/बिलासपुर। संगठित जुआ नेटवर्क चलाने के मुख्य आरोपी माफिया योगेंद्र शर्मा उर्फ लाल महाराज उर्फ भर्रा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर से बड़ा झटका लगा है। थाना फास्टरपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 66/2025 (धारा 6, छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम, 2022) में दायर उसकी अग्रिम जमानत याचिका को माननीय उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए खारिज कर दिया है।

माननीय न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और संगठित जुआ गिरोह से जुड़ाव को गंभीर मानते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

रेड कार्रवाई से खुला जुआ सिंडिकेट का राज

थाना फास्टरपुर पुलिस ने 7 अक्टूबर 2025 को ग्राम विचारपुर में दबिश देकर आरोपी रवि कुमार आंचल को रंगे हाथ जुआ खेलते पकड़ा था। पूछताछ और मोबाइल तथा डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच में खुलासा हुआ कि रवि कुमार, मुख्य सरगना योगेंद्र शर्मा के इशारे पर वर्ष 2021 से संगठित जुआ रैकेट चला रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि जुए की रकम का पूरा हिसाब-किताब मोबाइल के माध्यम से किया जाता था और लेन-देन UPI (PhonePe) तथा नकद दोनों माध्यमों से होता था।

जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य

1.वित्तीय साक्ष्य:

पुलिस जांच में आरोपी योगेंद्र शर्मा और सह-आरोपी के SBI एवं ICICI बैंक खातों के बीच लगभग ₹7,05,945 से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के ठोस प्रमाण मिले हैं।

2.आपराधिक इतिहास:

योगेंद्र शर्मा को पुलिस ने आदतन अपराधी की श्रेणी में रखा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी जुआ अधिनियम के कई प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में वह दोषसिद्ध भी हो चुका है।

3.संगठित जुआ नेटवर्क:


आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से सुनियोजित तरीके से जुआ सिंडिकेट संचालित करने का आरोप है, जिसमें कई सह-आरोपी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, पोस्टर जारी

मामले में मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा उर्फ लाल महाराज काफी समय से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल द्वारा 1,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है। जिले के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर आरोपी के पोस्टर चस्पा कर आमजन से जानकारी देने की अपील की गई है।

हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस के हाथ पूरी तरह खुले हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है।

पुलिस का संदेश: संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई

थाना फास्टरपुर प्रभारी ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा—

“माननीय उच्च न्यायालय का यह फैसला संगठित अपराध के विरुद्ध हमारी लड़ाई को मजबूती प्रदान करता है। जुआ माफिया योगेंद्र शर्मा को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हम जनता से अपील करते हैं कि आरोपी के संबंध में कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।”

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