सरगांव। सरस्वती शिशु मंदिर, चंद्रखुरी-बैतलपुर में विद्यारंभ संस्कार, शिशु नगरी एवं मातृ सम्मेलन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। 25 पोषक ग्रामों से आई माताओं ने मातृ सम्मेलन में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहां मातृ शक्ति के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
गुरुकुल पद्धति से 31 भैया-बहनों का विधिवत विद्यारंभ संस्कार किया गया। शिशु नगरी में नन्हे शिशुओं के लिए खेल, शिक्षाप्रद और संस्कार आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कार निर्माण का संदेश देती रहीं।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत मुंगेली सभापति श्रीमती अंबालिका साहू रहीं, जबकि अध्यक्षता पथरिया जनपद पंचायत सभापति श्री मनीष साहू ने की। विशिष्ट अतिथियों में चंदखुरी ग्राम पंचायत सरपंच श्री रामदयाल मंडन, शिशु वाटिका प्रांत संयोजिका शुश्री माया तंबोली दीदी, बालिका शिक्षा प्रांत संयोजिका श्रीमती रीता तिवारी दीदी, विभाग समन्वयक श्री गेंदराम राजपूत (बिलासपुर विभाग) एवं जिला समन्वयक श्री पेशीराम साहू (मुंगेली) शामिल रहे।

विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री भोजराम वर्मा, सचिव श्री मनीष अग्रवाल, सदस्य श्री बुधारू निषाद, श्री प्रदीप चतुर्वेदी तथा प्राचार्य आचार्य दीदी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथि का संबोधन: श्रीमती अंबालिका साहू ने कहा कि मातृ शक्ति समाज की आधारशिला है। मां ही संतान को संस्कार, संस्कृति एवं चरित्र की प्रथम शिक्षा देती है। उन्होंने माताओं से बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने, विद्यालय गतिविधियों को घर पर अपनाने तथा उन्हें चरित्रवान राष्ट्रभक्त बनाने का आह्वान किया। इस दौरान शिशु वाटिका निर्माण के लिए ₹2 लाख की घोषणा भी की।
अतिथियों ने विद्यालय की संस्कारयुक्त गुरुकुल परंपरा आधारित शिक्षा की सराहना की तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


