मुंगेली: केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत दिशा दिखाई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे ‘अमृत काल का रोडमैप’ बताते हुए ग्रामीण विकास, किसान कल्याण, युवा रोजगार और बुनियादी ढांचे पर 20 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए सिंचाई, सड़कें और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस है। प्रदेश के भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर इसकी सराहना की, इसे स्थानीय विकास का वरदान बताया।
बजट से छत्तीसगढ़ का हर गांव रोशन होगा-प्रदेश कार्य समिति सदस्य नरेंद्र शर्मा
प्रदेश कार्य समिति सदस्य नरेंद्र शर्मा ने कहा, “ग्रामीण विद्युतीकरण और सड़क निर्माण पर भारी निवेश से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ गांव मुख्यधारा से जुड़ेंगे। किसानों के लिए नई सब्सिडी योजनाएं राज्य की धान उत्पादन अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी। यह गरीब-किसान हितैषी बजट है।”

युवाओं के सपनों को पंख लगाएगा बजट-जिला महामंत्री कैलाश सिंह ठाकुर
जिला महामंत्री कैलाश सिंह ठाकुर ने युवा वर्ग के लिए इसे ऐतिहासिक बताया। “स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप फंडिंग और आईटी हब्स से छत्तीसगढ़ के लाखों नौजवानों को रोजगार मिलेगा। रायपुर-भिलाई में नई संभावनाएं खुलेंगी, बेरोजगारी पर लगाम लगेगी।”

किसान-मजदूरों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा-मंडल अध्यक्ष सरगांव पोषण यादव
सरगांव मंडल अध्यक्ष पोषण यादव ने कृषि सुधारों की तारीफ की। “एमएसपी गारंटी, सिंचाई परियोजनाओं और मजदूरी वृद्धि से छत्तीसगढ़ के किसान-मजदूर समृद्ध होंगे। सरगांव जैसे क्षेत्रों में कोल्ड चेन स्टोरेज से फसलें बर्बाद नहीं होंगी।”

महिलाओं और ग्रामीण विकास का सशक्त समर्थन-जिला पंचायत सभापति अंबालिका साहू
जिला पंचायत सभापति अंबालिका साहू ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। “लाड़ली बहन जैसी योजनाओं का विस्तार, पंचायती राज मजबूती और जल जीवन मिशन से ग्रामीण छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर बनेगा। नारी शक्ति को सच्ची ताकत मिलेगी।”

शहरी बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई गति-नगर पंचायत अध्यक्ष परमानंद साहू
नगर पंचायत अध्यक्ष परमानंद साहू ने शहरी विकास की सराहना की। “स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, जल जीवन मिशन और सड़क उन्नयन से छोटे शहरों का कायाकल्प होगा। छत्तीसगढ़ के नगरों में निवेश बढ़ेगा, जीवन स्तर ऊंचा चढ़ेगा।”

भाजपा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ में इन्हें शीघ्र लागू करने की मांग तेज हो गई है, जो राज्य को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर ले जाएगा।


