मुंगेली, 27 जनवरी 2026// अचानकमार टाइगर रिजर्व अंतर्गत अचानकमर परिक्षेत्र के सारसडोल परिक्षेत्र में 25 जनवरी को एसटीपीएफ की नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एक नर बाघ मृत अवस्था में पाया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक कार्यप्रणाली के अनुरूप गठित शव परीक्षण समिति की उपस्थिति में 26 जनवरी को मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। शव परीक्षण एवं पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मृत नर बाघ की गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी तथा गर्दन के निचले हिस्से में अन्य नर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान पाए गए।जांच दल को घटनास्थल पर आपसी क्षेत्रीय संघर्ष के भी पुख्ता साक्ष्य मिले, जिनमें टूटी हुई झाड़ियाँ, बाघ का मल, खरोंच के निशान तथा बालों की उपस्थिति शामिल है। इसके अतिरिक्त मृत बाघ के पंजों एवं नाखूनों में भी दूसरे बाघ के बाल पाए गए। इन तथ्यों से यह पुष्टि हुई कि लगभग दो वर्ष आयु के नर बाघ की मृत्यु दो बाघों के बीच हुए आपसी संघर्ष के कारण हुई। घटना में शामिल दूसरे बाघ की पहचान कर ली गई है, जिसकी कैमरा ट्रैप और फील्ड ट्रैकिंग के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। पोस्टमार्टम उपरांत शव दहन की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
इस संपूर्ण कार्यवाही के दौरान एनटीसीए प्रतिनिधि, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक के प्रतिनिधि, वन्यजीव विशेषज्ञ, पशु चिकित्सक दल, अचानकमार टाइगर रिजर्व के अधिकारी-कर्मचारी तथा संबंधित परिक्षेत्र के वन अमले की उपस्थिति रही। वन विभाग के अनुसार यह घटना बाघों की आबादी वाले क्षेत्र में सामान्य क्षेत्रीय व्यवहार को दर्शाती है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में अनुकूल आवास, कान्हा-बांधवगढ़ कॉरिडोर से प्राकृतिक आवागमन तथा सफल प्रजनन के चलते बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा एवं आपसी संघर्ष की घटनाएं स्वाभाविक रूप से सामने आती हैं।


