मुंगेली, 20 जनवरी 2026. जिले में धान खरीदी और परिवहन में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर के अलर्ट पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की, जिसमें राइस मिलरों और समिति प्रबंधकों द्वारा 200 से 1116 प्रतिशत तक ओवरलोडिंग, फर्जी वाहन नंबर और दस्तावेजों से शासन को 8 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने का खुलासा हुआ। कलेक्टर कुंदन कुमार और एसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर खाद्य एवं पुलिस टीमों ने छापेमारी कर 11 लाख क्विंटल से अधिक धान के अवैध परिवहन के प्रमाण बरामद किए, साथ ही 14 से अधिक राइस मिलें सील कर 12,000 क्विंटल से ज्यादा धान जब्त किया।

गिरफ्तार आरोपी
1.अब्दुल सत्तार पिता गुलाम कादर, निवासी दाऊपरा।
2.विकास पांडेय पिता विनय पाण्डेय, निवासी भटगांव मुंगेली।
3.महावीर जैन पिता ललित जैन।
4.संतोष साहू पिता बलदाऊ।
5.श्रीधर परिहार पिता हितकिशोर।
कुल 5 आरोपी हिरासत में है जबकि फरार: ललित जैन, नवेंद मेनन, अनिल जांगड़े— की पुलिस तलाश तेज कर दी गई है।
प्रमुख घोटाले के केंद्र
नवागाव घुठेरा समिति: उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त और 40 से ऊपर बिना जीपीएस वाहनों से धान परिवहन।
सिंघनुपरी केंद्र: एसएस फूड के साथ 4,542 क्विंटल धान बिना जीपीएस के अवैध परिवहन।
छटन उपार्जन केंद्र: दीपक राइस मिल व नवकार मिल से 3,589 क्विंटल का फर्जी परिवहन।
झगरहट्टा केंद्र: वर्धमान राइस मिलर्स से गड़बड़ी।
उपलेटा व वर्धमान मिल संचालक, प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल। 9 प्लस ट्रक जब्त, स्टॉक सत्यापन जारी।

अन्य थानों में केस
1.फास्टरपुर थाना (क्र.12/2026): धान केंद्रों में फर्जी परिवहन व धोखाधड़ी।
2.लालपुर थाना (क्र.09/2026): अनियमितताओं पर एफआईआर, आरोपी रिमांड पर।
प्रशासन ने चेतावनी दी—धान खरीदी व पीडीएस में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं। राज्यव्यापी 31 अधिकारी निलंबित, एआई मॉनिटरिंग बढ़ेगी। फरारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।


