एसपी भोजराम पटेल की ‘पहल’ से जन-आंदोलन का रूप
मुंगेली। मुंगेली जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक सुधार की दिशा में पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा शुरू किया गया ‘पहल’ कार्यक्रम अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी कड़ी में 07 जनवरी 2026 को जिला पंचायत मुंगेली के सभा कक्ष में विशेष संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी देवचरण भास्कर, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन के विभाग प्रमुखों ने साझा मंच पर आकर जिले को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

पिछले एक वर्ष से चल रहे इस अभियान के तहत पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार ‘पहल’ के जरिए पुलिस नागरिकों, बच्चों और महिलाओं से सीधे जुड़कर साइबर फ्रॉड, यातायात सुरक्षा तथा नशा मुक्ति की जानकारी दे रही है। इससे पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है।

जनप्रतिनिधियों के माध्यम से गांव-घर तक पहुंचेगा संदेश
एसपी श्री भोजराम पटेल के मुख्य आतिथ्य और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक साइबर जागरूकता, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा का संदेश पहुंचाना था। पुलिस का मानना है कि जनप्रतिनिधि समाज के प्रभावशाली हिस्सा हैं, इसलिए उनके सहयोग से अभियान गांव-घर तक पहुंचेगा। सभी ने अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित जागरूकता
कार्यक्रम में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया गया:
1.साइबर फ्रॉड से बचाव: डिजिटल युग में मोबाइल का सदुपयोग करें। फ्रॉड होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें, जिससे फ्रॉड राशि होल्ड कराई जा सकती है।
2.यातायात सुरक्षा: नियमों का पालन करें, पिकअप वाहनों से महिलाओं-बच्चों को सफर न कराएं, नाबालिगों को वाहन न चलाने दें। 2024 की तुलना में 2025 में रोड एक्सीडेंट मृत्यु दर में कमी आई है।
3.नशा मुक्ति: स्कूल-कॉलेजों में निरंतर अभियान चलाकर नशे से दूर रहने की अपील। नशा स्वास्थ्य बर्बाद करने के साथ अपराधों का मुख्य कारण है।

सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल, अपराध मुक्त समाज की नींव
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा अपराधों की जड़ है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं को हेलमेट और यातायात संकेतों से रोका जा सकता है। जनप्रतिनिधियों ने एसपी के विजन की सराहना की और क्षेत्रों में मुहिम चलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने साइबर फ्रॉड रोकने, एक्सीडेंट घटाने तथा हर परिवार को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

एसपी भोजराम पटेल ने अपील की कि पुलिस-जनता का सामंजस्य ही सुरक्षित समाज की नींव है। ‘पहल’ के जरिए हर नागरिक को जिम्मेदार और जागरूक बनाया जाएगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, सदस्यगण, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। यह प्रयास जिले की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


