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हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी मदकू द्वीप पर शौचालय सुविधा का अभाव, पर्यटक परेशान

सरगांव।मुंगेली जिले का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल श्री हरिहर क्षेत्र केदार मदकू द्वीप आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर द्वीप क्षेत्र के विकास एवं आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के दावे किए जा रहे हैं, किंतु वास्तविकता में पर्यटकों को शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा तक सुलभ नहीं हो पा रही है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों में असंतोष व्याप्त है।

छत्तीसगढ़ का एकमात्र नदी द्वीप होने का गौरव रखने वाला मदकू द्वीप अपने मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य एवं समृद्ध पुरातात्विक धरोहरों के लिए प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक, शोधार्थी एवं श्रद्धालु यहां दर्शन एवं भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। द्वीप का प्राकृतिक वातावरण और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है, किंतु मूलभूत सुविधाओं—विशेषकर शौचालय—के अभाव में उनकी यात्रा अनुभव को निराशाजनक बना देता है।

गत वर्ष इस विषय में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया था। इसके पश्चात शासन-प्रशासन को नोटिस जारी कर लगातार सुनवाई की जा रही है। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर मदकू द्वीप की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार द्वीप क्षेत्र में निर्मित शौचालयों पर ताले लगे हुए हैं। इससे पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें प्रसाधन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। बताया जा रहा है कि वन विभाग द्वारा इन शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के माध्यम से स्व सहायता समूह को सौंपी गई है, किंतु समुचित निगरानी एवं नियमित मॉनिटरिंग के अभाव में यह व्यवस्था निष्क्रिय बनी हुई है।

विगत साढ़े तीन दशकों से द्वीप क्षेत्र के विकास एवं संरक्षण में सक्रिय श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप सेवा समिति, मदकू के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो मदकू द्वीप में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे न केवल मदकू द्वीप पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान बनाएगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

समिति एवं स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि माननीय हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए द्वीप क्षेत्र में शौचालयों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि मदकू द्वीप अपनी वास्तविक पर्यटन क्षमता को प्राप्त कर सके और पर्यटकों को सम्मानजनक व सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

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