100 दिन की नौकरी खतरे में!तिफरा कांग्रेस ने केंद्र पर लगाया ग्रामीण-विरोधी होने का आरोप
बिलासपुर। भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने और मूल ढांचे में परिवर्तन करने के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस की 141वीं स्थापना दिवस पर तिफरा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।
लक्ष्मीनाथ साहू का तीखा प्रहार
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इस योजना का नाम बदलना महात्मा जी का अपमान है। पहले ग्रामीणों को 100 दिन का गारंटीड रोजगार मिलता था, जिसका पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी। लेकिन मोदी सरकार ने अब 40 प्रतिशत भुगतान राज्यों पर थोप दिया है। साथ ही, योजना कहां लागू होगी और कौन-कौन से काम होंगे, इसका फैसला सिर्फ केंद्र करेगा। इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और यह जनकल्याणकारी योजना समाप्ति की ओर बढ़ रही है।
तख्तियों से तानाशाही का आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तख्तियों के जरिए केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा को ‘केवल योजनाओं के नाम बदलने वाली सरकार’ करार दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें लक्ष्मीनाथ साहू (ब्लॉक अध्यक्ष), पुष्पेंद्र साहू (पार्षद), अजय मनहरे (मंडल अध्यक्ष), संत सर्वे, पवन साहू, राजेश साहू, महेश ठाकुर, राकेश यादव, सुनील पांडेय, रामायण रजक, रामकुमार मनहर, नागेश ध्रुव, बंटी सोनी, राजेश कोशले, शहजादा खान, सचिन भवानी, देवा साहू, विकास पाटकर, मुकेश साहू, अशद खान, संजय सिंघानी, हितेश लहरे, योगेन्द्र बंजारे, विनोद राजपूत, निपेन्द्र पटेल, महेन्द्र कश्यप, विशेषर विश्वकर्मा आदि प्रमुख थे।


