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छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) का चुनाव निरस्त, पारदर्शिता और सामाजिक एकता पर जोर

सरगांव –  छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) के 21 जनवरी 2024 को संपन्न कराए गए चुनाव को रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा अवैध एवं त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय विस्तृत जांच एवं सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) कुल 7286 सदस्य हैं, जबकि चुनाव हेतु जारी मतदाता सूची में केवल 4101 सदस्यों को ही शामिल किया गया। इससे बड़ी संख्या में वैध सदस्यों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया। वहीं मतगणना परिणाम में 11025 मतों का उल्लेख किया जाना प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) की पंजीकृत नियमावली के नियम-12 का पालन नहीं किया गया। सभी पदों के लिए चुनाव न कराकर केवल अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष जैसे सीमित पदों तक चुनाव प्रक्रिया को सीमित रखा गया। इसके अतिरिक्त, नामांकन प्रक्रिया में भी पारदर्शिता का अभाव देखा गया, जहां एक वैध उम्मीदवार को बिना कारण बताए चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा गया।

जांच में यह भी सामने आया कि चुनाव अधिकारी द्वारा मतदान से पूर्व इस्तीफा दे दिया गया था, परंतु नए अधिकारी की नियुक्ति का कोई प्रमाणिक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। मतदाता सूची की स्पष्ट प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई और मतदान की पूरी प्रक्रिया का विधिवत विवरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे चुनाव की निष्पक्षता संदेह के घेरे में आ गई।

साथ ही, छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222)  द्वारा सदस्यता पंजी का संधारण छत्तीसगढ़ सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1973 की धारा-16 के अनुरूप नहीं पाया गया। आवश्यक अभिलेखों का अभाव संगठनात्मक पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

इन सभी तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए रजिस्ट्रार ने उक्त चुनाव को अपूर्ण एवं अशुद्ध घोषित कर निरस्त कर दिया है। साथ ही निर्देशित किया गया है कि छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) पुनः सभी 7286 सदस्यों की अद्यतन मतदाता सूची प्रकाशित कर, नियमावली के अनुसार सभी पदों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करे।

इस पूरे घटनाक्रम ने समाज के भीतर सामाजिक सरोकार, जागरूकता और एकता की आवश्यकता को और अधिक प्रासंगिक बना दिया है। अब समय है कि समाज के सभी सदस्य व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सामूहिक हित, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दें।

समाज के प्रबुद्ध वर्गों ने भी यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में छत्तीसगढ़ मेहर समाज (पं.क्र.222) के किसी भी चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सभी सदस्यों की सहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि एक सशक्त, जागरूक और संगठित समाज का निर्माण हो सके

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