मुंगेली। मंगलवार को पेश छत्तीसगढ़ बजट 2026 (कुल 2.15 लाख करोड़) पर मुंगेली जिले के भाजपा और कांग्रेस नेताओं सहित आमजनों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। बजट में किसान कल्याण के लिए 25,000 करोड़, शिक्षा-स्वास्थ्य पर 15,000 करोड़, सिंचाई पर 8,000 करोड़ और युवा रोजगार के लिए 5,000 करोड़ का प्रावधान है। मुंगेली-सरगांव क्षेत्र में इनसे ग्रामीण विकास, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं पर बहस छिड़ गई। देखें बजट को लेकर किसने क्या कहा:
शिक्षा-स्वास्थ्य पर 10,000 करोड़ ऐतिहासिक, बेरोजगारी दूर होगी- भाजपा जिला महामंत्री कैलाश सिंह ठाकुर
भाजपा जिला महामंत्री मुंगेली कैलाश सिंह ठाकुर ने बजट को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि “शिक्षा और स्वास्थ्य पर 10,000 करोड़ का आवंटन जिले के लिए वरदान साबित होगा। युवाओं के लिए 200 नए स्किल सेंटर खुलेंगे, जो मुंगेली में बेरोजगारी दर को 15% से घटाकर 8% कर देंगे। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ से जुड़कर यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पंख देगा। कांग्रेस की नकारात्मकता व्यर्थ है, जनता इसका फायदा उठाएगी।”

बजट विकासोन्मुखी, किसानों को मिलेगी मजबूत सिंचाई- भाजपा मंडल अध्यक्ष पोषण यादव
भाजपा मंडल अध्यक्ष सरगांव पोषण यादव ने बजट की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “यह बजट किसानों, युवाओं और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सिंचाई परियोजनाओं के लिए 5000 करोड़ से मुंगेली के सूखाग्रस्त इलाकों में नहरें और तालाब बनेंगे, जिससे फसल उत्पादन दोगुना होगा। भाजपा सरकार की ‘दोहरा लाभ’ योजना से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ बोनस मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने का कदम है। हम आभार व्यक्त करते हैं।”

“बजट जुमलेबाजी भरा, गरीबों के लिए कोई राहत नहीं” – कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मुकेश साहू*
सरगांव कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मुकेश साहू ने बजट पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “ग्रामीणों, गरीबों और छोटे किसानों के लिए कोई ठोस राहत नहीं। महंगाई 12% बढ़ी है, लेकिन सब्सिडी पर कटौती क्यों? मुंगेली-सरगांव में सड़कें, बिजली और पानी की समस्या जस की तस। कांग्रेस सरकार के समय 20,000 करोड़ किसानों पर खर्च हुए थे, यहाँ केवल घोषणाएँ हैं। जनता चुनाव में इसका जवाब देगी। हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

गरीबों की अनदेखी, केवल कागजी घोषणाएं’-पार्षद कृष्णा साहू
नगर पंचायत सरगांव के कांग्रेसी पार्षद कृष्णा साहू ने मंगलवार को पेश हुए छत्तीसगढ़ी बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता, खासकर गरीबों और ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर प्रावधान अपर्याप्त हैं, जबकि अधिकांश घोषणाएं केवल कागजी हैं। कांग्रेस पार्षद ने कहा कि “यह बजट जनहित के बजाय सत्ता की चाटुकारिता दर्शाता है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे और जनता के हित में ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव लाएंगे।”

आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर बड़ा कदम: 1.72 लाख करोड़ का संकल्प बजट – युवा व्यवसायी निखिल कौशिक
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये के “संकल्प” बजट को युवा व्यवसायी निखिल कौशिक ने प्रदेश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रखेगा। शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव सराहनीय है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुँच सकेंगी, जिससे लाखों लोगों का जीवन बदलेगा। युवा वर्ग के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन, तथा नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना से प्रदेश में व्यापक रोजगार सृजित होंगे। निखिल कौशिक ने कहा कि “सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है – राज्य का युवा आत्मनिर्भर बने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे। बजट में खेल, संस्कृति और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है, जो सामाजिक समावेशन और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करेगा।उन्होंने कहा की “समग्र रूप से यह ‘संकल्प’ बजट विकास, विश्वास और भविष्य की सुदृढ़ नींव रखने वाला दस्तावेज़ है, जो छत्तीसगढ़ को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।”

कैशलैस इलाज तो ठीक, लेकिन वेतन विसंगति-डीए एरियर पर बजट निराशाजनक-बलजीत सिंह कांत
छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार का तीसरा बजट आज माननीय वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश किया गया। बजट में शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की महत्वपूर्ण घोषणा की गई, जिसका प्रदेशभर के कर्मचारियों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।हालांकि, बजट में सहायक शिक्षकों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर अपेक्षित घोषणाएँ नहीं होने से कर्मचारी जगत में निराशा देखी जा रही है। सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना “मोदी की गारंटी” में शामिल बताया गया था, जिससे शिक्षकों को इस बजट से विशेष उम्मीदें थीं। लेकिन वेतन विसंगति के समाधान पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।इसके अलावा महंगाई भत्ता (डीए) एरियर के संबंध में भी कोई प्रावधान या घोषणा नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच एरियर भुगतान और वेतन विसंगति का समाधान अत्यंत आवश्यक था।छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मुंगेली, बलजीत सिंह कांत ने कहा कि कैशलेस उपचार योजना स्वागतयोग्य है, लेकिन सहायक शिक्षकों की वर्षों पुरानी वेतन विसंगति और महंगाई भत्ता एरियर पर कोई निर्णय नहीं लिया जाना निराशाजनक है।



