मुंगेली। जिला सत्र न्यायालय मुंगेली ने थाना चिल्फी में दर्ज अपराध क्रमांक 174/2025, धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के मुख्य आरोपी योगेंद्र शर्मा उर्फ लाला महाराज उर्फ भर्रा की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। माननीय न्यायाधीश श्रीमती गिरजा देवी मेरावी ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और संगठित अपराध में गहरी संलिप्तता को आधार बनाते हुए यह कड़ा निर्णय सुनाया। लोक अभियोजक श्री रजनीकांत सिंह ठाकुर ने शासन की ओर से सशक्त पैरवी की, जो पूर्व में भी आरोपी की जमानत याचिकाओं को निरस्त करा चुके हैं।
घटना का पूरा विवरण
दिनांक 2 नवंबर 2025 को थाना चिल्फी पुलिस ने ग्राम रैतरा खुर्द के हनुमान मंदिर के पास रेड कार्रवाई में संजय साहू को रंगे हाथों सट्टा पट्टी जुआ खेलाते गिरफ्तार किया। उसके पास से 75,700 रुपये नगदी, सट्टा दस्तावेज, डॉट पेन और दो मोबाइल फोन जब्त हुए, जिनसे व्हाट्सएप के जरिए सट्टा संचालित हो रहा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि संजय साहू सट्टा पट्टी लिखकर 7 प्रतिशत कमीशन योगेंद्र शर्मा को देता था, जिसे संगठित अपराध की श्रेणी में दर्ज किया गया।

जांच के प्रमुख खुलासे
वित्तीय साक्ष्य: आरोपी और सह-आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए।
आपराधिक पृष्ठभूमि: योगेंद्र शर्मा आदतन अपराधी है, उसके खिलाफ जुआ अधिनियम समेत कई प्रकरण दर्ज हैं।
संगठित नेटवर्क: डिजिटल पेमेंट और सूचना प्रौद्योगिकी के जरिए जुआ सिंडिकेट चलाया जा रहा था।
पुलिस की सतर्क कार्रवाई
आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल ने पूर्व प्रकरण में उसकी गिरफ्तारी पर 1,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था और जिले में पोस्टर चस्पा कराए थे। जमानत खारिज होने के बाद पुलिस को वैधानिक कार्रवाई की पूर्ण छूट मिल गई है, संभावित ठिकानों पर दबिश तेज हो गई है। थाना फास्टरपुर प्रभारी ने संदेश जारी कर कहा कि यह निर्णय संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सशक्तीकरण करता है, जुआ माफिया को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। आमजन से सूचना देने की अपील की गई है, जिसमें गोपनीयता की गारंटी दी गई।


