त्रिदिवसीय शिव आराधना महोत्सव:यज्ञ पूर्णाहुति एवं भण्डारा के साथ सम्पन्न

सरगांव। माण्डूक्य ऋषि की तपःस्थली श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू में आयोजित त्रिदिवसीय शिव आराधना महोत्सव का समापन यज्ञ की पूर्णाहुति एवं भव्य भण्डारे के साथ श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में तीनों दिवस श्रद्धालुओं की निरंतर उपस्थिति रही।

आयोजन के तृतीय दिवस प्रातः से ही पूजा-अर्चना का क्रम प्रारंभ हुआ। निर्धारित समयानुसार दो आवृत्ति रूद्राभिषेक संपन्न कराया गया, जिसमें विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया गया। रूद्राभिषेक के पश्चात हवन यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। वैदिक विधि-विधान से संपन्न हवन के उपरांत पूर्णाहुति दी गई और इसी के साथ त्रिदिवसीय शिव आराधना महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।


तीनों दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों, भजन-कीर्तन तथा सत्संग का भी आनंद लिया। समापन अवसर पर आयोजित भण्डारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के पदाधिकारी जीवन लाल कौशिक, राममनोहर दुबे, प्रदीप शुक्ला, प्रदीप चतुर्वेदी, मनीष मिश्रा, भगवती प्रसाद मिश्र, मनीष अग्रवाल, मनीष साहू, परस साहू, प्रमोद दुबे, संतोष तिवारी, विमला सुनील साहू, नेतराम सोनवानी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। समिति के सदस्यों ने व्यवस्था, पूजा-पाठ, भण्डारा एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का सुव्यवस्थित संचालन किया।

महोत्सव के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त करने वाला बताया। पूरे वातावरण में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे और शिवभक्ति की अलौकिक छटा ने सम्पूर्ण क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।


स्मरणीय हो कि सामाजिक कार्यकर्ता स्व. शांताराम जी के द्वारा श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप मदकू के प्राचीन वैभव को पुनर्जीवित करने की दृष्टि से द्वीप क्षेत्र में विभिन्न आयोजन और गतिविधियां प्रारम्भ किया और आसपास 40 गांवों के ग्रामीणों से जीवन्त सम्पर्क स्थापित कर द्वीप क्षेत्र में होने वाले आयोजनों से जोड़ने का कार्य किया। जिससे पुरे क्षेत्र में जागरण का कार्य हो सका और चिकित्सा, शिक्षा, धार्मिक प्रकल्पों के माध्यम से मदकू ही नहीं वरन् चंदरपुर, चंद्रखुरी, दरुवनकांपा,ठेलकी,बासिन आदि गांवों में सामाजिक समरसता,मेल जोल, कुटुम्ब प्रबोधन का कार्य क्रियान्वित हो सका।

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